NIEPVD, देहरादून मे कोविड-19 “आयुर्वेद एवं रसोई” नामक विषय पर “वेबनार” का हुआ सफल आयोजन/ महामहिम राज्यपाल ने राजभवन से किया ई-शुभारंभ

उत्तरप्रदेश उत्तराखण्ड

देहरादून (उत्तराखंड)- कोविद-19 जैसी महामारी से बचाव हेतु आयुर्वेद के माध्यम से जागरूक करने के उद्देश्य से संस्थान में आयुर्वेद, कोविंद और रसोई विषय पर वेबनार (Webnar) का e शुभारंभ श्रीमती बेबीरानी मौर्या जी, महामहिम राज्यपाल ने राजभवन उत्तराखंड से ही e technology के माध्यम से किया।

महामहिम राज्यपाल ने आयुष के महत्व को बताते हुए कहा कि वर्तमान में कोविद -19 काल में संस्थान द्वारा प्रेरक एवं जागरूकता से परिपूर्ण आयुर्वेद की वेबनार का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद हमारे जीवन की जीवनशैली में बहुत ही कारगर है।

महामहिम श्री राज्यपाल जी सहित सभी आयुर्वेद विशेषज्ञ का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक प्रो० नचिकेता राउत ने सभी विशेषज्ञो का परिचय कराया तथा आयोजन के उद्देश्य से अवगत कराया। विशेषज्ञ के रुप में राजभवन की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ० इन्दिरा अग्रवाल ने महर्षि चरक के श्लोक के साथ स्वस्थ मानसिकता के विषय में जागरूक किया। ‌

‌ उत्तरांचल आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज राजपुर के चैयरमेन एवं निदेशक डॉ०अश्वनी कांबोज ने आयुर्वेद के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। डा० ज्ञानेंद्र दत्त शुक्ला एसोसिएट प्रोफेसर, आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय ने भारतीय रसोई के माध्यम से रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास पर प्रकाश डाला। वहीं डॉ०सनांदन थपलियाल- एसोसियेट प्रोफेसर, उत्तरांचल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज राजपुर देहरादून ने रसोई को रस से भरी हुई उपचार शाला बताया। डॉ० नन्दकिशोर दधिचि ने एसोसिएट प्रोफेसर, उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय ने कोरोना वायरस के बचाव हेतु स्वस्थ जीवनशैली पर तथा उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय देहरादून से कुलपति प्रो०अरुण कुमार त्रिपाठी ने एक विशिष्ट प्रतिरोधक क्षमता के आवश्यक पहलुओं से प्रभावी स्वरुप में अवगत करवाया जिससे इस वेबनार से दृष्टि दिव्यांगजनो सहित अनेक नागरिकों का आयुर्वेद के माध्यम से ज्ञानवर्धन हुआ।
इस वेबनार के माध्यम से जनसामान्य को आयुर्वेद का महत्व साधारण बोलचाल की भाषा में समझाने का सफल प्रयास किया गया । संस्थान के निदेशक प्रो० नचिकेता राउत ने संस्थान में सामाजिक दूरी के सिद्धांत पर अमल करते हुए वेबनार को e test – e technology के माध्यम से आयोजित वेबनार को सफल बताया। महामहिम श्री राज्यपाल जी सहित सभी आयुर्वेद विशेषज्ञों महानुभावों द्वारा प्रदत्त सहयोग हेतु कमल वीर सिंह जग्गी विभागाध्यक्ष विशिष्ट शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने आभार ज्ञापित किया। लेबनान के संयोजन में डा० पंकज कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर,भावना नैयर,श्री अंकित प्रधान,दीपक उपाध्याय,भावना भट्ट, सीमा पाल, दीपक पंवार, विनीत सोनकर द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। उपरोक्त जानकारी संस्थान के परामर्शक जनसंपर्क योगेश अग्रवाल द्वारा प्रदान की गई है।

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