“भाषा संप्रेषण और समझ” नामक विषय महत्वपूर्ण वेब-संगोष्ठी 27 मई को, रजिस्ट्रेशन शुरू

उत्तरप्रदेश उत्तराखण्ड दिल्ली देश-विदेश

एक-दिवसीय वेब-संगोष्ठी का आयोजन (27 मई, 2020)।
रेजिस्ट्रेशन 26 मई, 2020 सुबह 10 बजे से लिंक https://forms.gle/PefaiFkDhtGMQpND6

भाषा एक वृहद संप्रत्यय है और इसे परिभाषित करना भी कठिन है। यह मानव संप्रेषण का मुख्य वाहक भी है और समझ के निर्माण में भी इसकी भूमिका अहम होती है। बच्चे समझ का निर्माण सम्प्रेषण के माध्यमों (बोल-सुन कर, लिख-पढ़ कर,आदि) द्वारा करते हैं। किंतु यदि संवेदी अंगों में कोई बाधा होती है या भाषा के प्रोसेसिंग में कोई समस्या आती है तो यह समझ के निर्माण के क्रम को बाधित करेगा। यह आवश्यक है कि ‘भाषा संप्रेषण और समझ’ के बीच चल रही स्वाभाविक प्रक्रिया से बच्चे बाधारहित रूप से जुड़ें। एक ओर दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि का प्रयोग या बोलती पुस्तकें एक माध्यम बनती हैं जो इस कड़ी को जोड़ सके जबकि दूसरी ओर मुक बधिर बच्चों के लिए सांकेतिक भाषा का प्रयोग एक अहम भूमिका निभाती है।
‘भाषा संप्रेषण और समझ’ इस कड़ी को समझने के लिए तथा इसमें आने वाली बाधाओं को पाटने के लिए कई स्तर पर कार्य किए जाने की आवश्यकता है। और इस आवश्यकता को समझने के लिए तथा इस संबंधी कार्यों की रूपरेखा के लिए राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान, देहरादून, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना तथा आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग, मैसूर के सहयोग से एक-दिवसीय वेब-संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।

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