क्या अब भी उत्तराखंड को देवभूमि कहेंगे ?/देहरादून में मांस,मच्छी,मदिरा को अनुमति-आटा,दाल, चावल पर प्रतिबंध

उत्तरप्रदेश उत्तराखण्ड

(सुरेन्द्र अग्रवाल द्वारा)
देहरादून (उत्तराखंड)– बढते कोरोना संकट के चलते शनिवार-रविवार को उत्तराखंड के चार जनपदों (देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर) मे लौकडाउन रखने का निर्णय किया है। इस सम्बन्ध मे जिलाधिकारी देहरादून द्वारा जो आदेश जारी किया गया है,उसको पढ़ने के बाद एक स्वभाविक प्रश्न उत्पन्न हो रहा है कि क्या उत्तराखंड को अब भी देवभूमि कहा जाएगा?
1- हरिद्वार सहित चार धाम स्थित है उत्तराखंड मे- उत्तराखंड को तपोभूमि, देवभूमि जैसे नामों से यूं ही नहीं जाना जाता है। यहां पर बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री, गंगोत्री जैसे चार धाम स्थित है,इन धामो की यात्रा के लिए देश विदेश से लाखों तीर्थयात्री प्रतिवर्ष आते हैं। इसके साथ ही ऋषिकेश, हरिद्वार जैसे धार्मिकस्थल हैं जहां लाखों लोग श्रद्धा भाव से आते हैं। हरिद्वार मे प्रति बारह वर्ष मे कुम्भ भी होता है।
2- आटा, दाल, चावल जैसी रोजमर्रा की जरूरत वाली दुकानों को नहीं दी गई है अनुमति- जिलाधिकारी, देहरादून द्वारा दिनांक 17/07/20 को जारी आदेश मे केवल फल, सब्जी,दूध,दही जैसी वस्तुओं के विक्रय की अनुमति दी गई है। आदेश मे डेली नीड यथा आटा, दाल, चावल, जैसे आइटमो के विक्रय की अनुमति नहीं दी गई है।
3- मीट, मछली, शराब की दुकानों को खोलने की दी गई है अनुमति- जिलाधिकारी, देहरादून के आदेश मे सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि मीट, मछली की दुकानों एवं शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है।
4- क्या मुख्यमंत्री/भाजपा प्रदेशाध्यक्ष लेंगे ऐसे आदेशों का संज्ञान- आमजनों का मानना है कि इस प्रकार का आदेश मुख्यमंत्री की बगैर जानकारी मे लाए जारी किया गया होगा। अतः आमजनों ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत के साथ साथ भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वंशीधर भगत से अपेक्षा की है कि देवभूमि की भावना के विपरीत जारी किए गए जिलाधिकारी, देहरादून के इस आदेश मे तत्काल संशोधन कराया जाए।
5-निष्कर्ष– पाठक गण स्वंय ही चिन्तन करें कि लौकडाउन के दौरान किन वस्तुओं के विक्रय की अनुमति होनी चाहिए। कि जिला प्रशासन को आटा, दाल, चावल अथवा मांस,मच्छी,मदिरा किन आइटमो को प्राथमिकता देना चाहिए था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *